Hot Masala Board - Free Indian Sex Stories & Indian Sex Videos. Nude Indian Actresses Pictures, Masala Movies, Indian Masala Videos


Go Back   Hot Masala Board - Free Indian Sex Stories & Indian Sex Videos. Nude Indian Actresses Pictures, Masala Movies, Indian Masala Videos > Hindi Sex Stories - Free Indian Sex Stories in Hindi Fonts !!!

Reply
 
Thread Tools Display Modes
  #1  
Old 11-14-2016, 08:31 PM
hotman hotman is offline
Administrator
 
Join Date: Nov 2006
Posts: 78,422
Default मर्द का दर्द

मर्द का दर्द
एक सच्ची कहानी के द्वारा आपके सामने आया हूँ। मेरा प्रवास कम ही होता है पर जब भी होता है वो यादगार बन जाता है। यह घटना एक साल पहले घटी थी। मैं काम के सिलसिले में मुंबई जा रहा था और रेलगाड़ी के बदले बस में सफ़र करना मुनासिब समझकर बस से मुंबई जा रहा था। मेरी बगल में एक लड़का कम्प्यूटर पर कुछ काम कर रहा था, दिखने में खूबसूरत था। उसकी काया एकदम मस्त थी। मैं उसके काम को देख रहा था तो मुझे उसमें कुछ भी नहीं समझ रहा था। वो अपने काम में मशगूल था।
काम करते करते उसका हाथ जाने अनजाने में मेरे पैंट की गुप्तांग वाली जगह को छू रहा था। मुझे कुछ अजीब सा लग रहा था मानो गए वक्त ट्रेन में मिले यू पी वाले भाईसाहब की छूने की घटना ताज़ी हो गई।
मैंने भी धीरे से उसे छूना चालू किया तो पहले तो उसने कुछ नहीं कहा फिर बोला- जरा ठीक से बैठो !
मैं- अरे, बस में ऐसे होता ही है।
वो- अच्छा ठीक है, पर जरा सम्भल कर बैठो।
मैं- जरूर, अच्छा तुम क्या काम कर रहे हो?
वो- अरे कंपनी का जरूरी काम है ख़त्म करके आज शाम को ऑफिस में दे देना है।
मैं- मतलब?
वो- अरे भाई, मैं सोफ्टवेयर इंजिनीयर हूँ और यही मेरा काम है।
मैं थोड़ी देर चुप रहा।
उसने अपना लेपटॉप बंद किया और मुझसे बात करने लगा।
वो- वैसे आप क्या करते हो?
मैं- मैं एक रियल इस्टेट से संबंधित काम करता हूँ। मैं भी कम्प्यूटर जनता हूँ पर तुम जो कर रहे थे वो पल्ले नहीं पड़ रहा था।
वो- हाँ, यह एक प्रोग्राम होता है उसको मैं बना रहा हूँ। ओ के, आप कहाँ से हो?
मैं- मैं वैसे मुंबई से ही हूँ पर पुणे आना जाना बहुत होता है। सोचता हूँ कि पुणे में घर ले लूँ। मुंबई की भीड़-भाड़ से तंग अ गया हूँ और बहुत पसीना आता है, पुणे की हवा खुशनुमा है।
वो- वैसे मैं भी दिल्ली से हूँ पर काम के सिलसिले मुंबई आया हूँ।
हमारी बाते चल रही थी तभी मैंने ऊपर से अपने बैग से पानी की बोतल निकाली तो उस लड़के की निगाह मेरे बैग में पड़ी चीजों पर पड़ी।
वो- अरे साहब, कौन सी किताब है, जरा देखू तो?
मैंने अचकते हुए कहा- अरे तुम्हारे काम की नहीं ! क्या करोगे देख कर?
वो- हुंह ! कुछ अजीब है क्या?
मैं फिर खुल गया और उसके कान में बोला- मर्द का मर्द के साथ सेक्स कैसे होता है उसकी बातें और फोटो हैं।
मैंने इतना कहा नहीं कि उसकी पैंट के निचले हिस्से में कुछ हलचल होने लगी जिसकी मुझे जरूरत थी।
मैंने उसके हाथ में किताब दी और चुपके से देखने कहा। पहले उसने गाण्ड मारने की तरकीब पढ़ी और उसके लिए जरूरी सावधानी के बारे में पढ़ा और बड़े चाव से फोटो देखने लगा। मैंने मौका पाकर किताब के नीचे से उसके लौड़े को छू लिया।
क्या तन गया था !
उसने हाथ हटाने के लिए आँखों से इशारा किया। मैंने आँखों से मना किया। बस थोड़ा काबू में आ गया। फिर मैंने दूसरी किताब निकाली और उसके हाथ में थमा दी। उसमें मस्त मर्द अपने लौड़े की प्रदर्शनी कर रहे थे और फिर लौड़े को दूसरे मर्द के मुँह में, गाण्ड में डाल रहे थे।
मैंने उससे पूछा- मैंने पहले कहा था कि तुम्हारे काम की नहीं हैं यह। पर तुम नहीं माने।
वो- वैसी बात नहीं, पर ऐसा सही होता होगा क्या?
मैं समझ गया पंछी पिंजरे में आ रहा है, सम्भल कर चलना पड़ेगा।
मैं- देखो, ये फोटो नकली तो हो ही नहीं सकते। है या नहीं?
इतने में कंडक्टर ने आवाज लगाई- बस 20 मिनट रुकेगी, चाय-पानी, नाश्ता करना या बाथरूम जाना सब निपटा लो।
हम दोनों नीचे उतारे और ढाबे से दो कप चाय ली और सड़क के किनारे बातें करने लगे।
वो- देखिये, मैंने मर्द का औरत के साथ सेक्स बारे में जाना है और किया भी है। पर यह बात अजीब है।
मै- कोई अजीब नहीं है सिर्फ एक खेल है। औरतों के मुकाबले मर्द नसीबवाले होते हैं। दो औरतें एक दूसरी से सेक्स नहीं कर सकती, पर दो मर्द जरुर कर सकते हैं।
वो- वो कैसे? ठीक से बताओ।
मैं- देखो, औरतों के तीन छेद होते हैं पर लौड़ा नहीं होता, उसके लिए मर्द चाहिए। जबकि मर्द के पास दो छेद होते हैं और एक लौड़ा होता है, दोनों मर्द मस्त मजे ले सकते हैं।
वो- ह्म्म्म ! अच्छा, आपका नाम क्या है?
मैं- हरेश और आपका?
वो- राजेश ! हरेश जी, मैं एक आदमी से नेट पर हमेशा मेल करता हूँ उसका नाम भी हरेश ही है। आपका इ-मेल आई डी क्या है?
मैंने अपना इ-मेल आई डी बताया।
वो- अरे इसी पर तो मैं मेल किया करता हूँ, क्या संजोग है? वो आप ही हैं क्या? बढ़िया बात। आपसे कई बार कहा कि एक बार मिलो तो ! लो भैया ऐसी मुलाकात हुई। अपने मेल में कई बार गाण्ड मरवाने की बात लिखी थी। कभी मरवाई है क्या? या सिर्फ तुक्के लगाते हो? आपको यह शौक कैसे जागा?
Reply With Quote
Sponsored Links
CLICK HERE TO DOWNLOAD INDIAN MASALA VIDEOS n MASALA CLIPS
Sponsored Links - Indian Masala Movies
UKBL ~ 10 Second Banner Rotator
UKBL ~ 10 Second Banner Rotator

"Uncensored Indian Masala Movies" - The hottest Indian Sex Movies and Mallu Masala clips

Check out beautiful Indian actress in sexy and even TOPLESS poses

Indian XXX Movies!

Widest range of Indian Adult Movies of shy, authentic Desi women.....FULLY NUDE DESI MASALA VIDEOS!!! Click here to visit now!!!

 

UKBL ~ 10 Second Banner Rotator
Sponsored Links
  #2  
Old 11-14-2016, 08:32 PM
hotman hotman is offline
Administrator
 
Join Date: Nov 2006
Posts: 78,422
Default

मैं- अरे मर्द का दर्द मर्द ही जाने। मेरे पड़ोस में एक तीस साल का नौजवान रहता था। वो मेरा दोस्त बन गया था। मैं उसके घर जाता चाय-नाश्ता करता, गप्पें लगाता। एक रविवार उसने मुझे बुलाया और कहा कि अंकल आज का दिन अलग होगा। मैं कुछ नहीं समझा था। उसने टीवी चालू किया और डीवीडी में सीडी डाल दी। फिल्म चालू हुई और दो मर्द एक कमरे में आये और एक सोफे पर एक दूसरे के बाजू में बैठ गए। फिर एक दूसरे को चूमने लगे और दोनों नंगे हो गए। इधर मेरा दोस्त मेरे बाजू में बैठा और कहने लगा कि अंकल, मुझे यह खेल आपके साथ खेलना है। वो गोरा चिट्टा लड़का था उसने मेरे मुँह में मुँह डाल कर चूमा और अपने लौड़े को मेरे हाथ में दे दिया, मेरा लौड़ा अपंने हाथ में लिया। सीडी चल रही थी और उस लड़के ने अपने सारे कपड़े उतार दिए और हमने सीडी में चल रहे खेल के मुताबिक एक दूसरे की गाण्ड मार ली। पहले अजीब लगा पर धीरे धीरे आदत हो गई। एक दिन वो शहर से गायब हुआ फिर पता चला कि उसने शहर में कई लोगों को ठगा था। उसके कमरे से कोई सुराग नहीं मिला, लोग मुझसे पूछताछ करने लगे, तंग आकर मैंने भी शहर छोड़ दिया शहर का नाम नहीं बताऊँगा।
राजेश- यार, तुम्हारी कहानी में रोमांच है और मस्ती भी।
यह सुनते वक्त वो मेरे और करीब आ गया और मेरी जांघ पर हाथ रख दिया जिसका मैं बेसब्री से इन्तेजार कर रहा था।
राजेश- हम तो पुरानी जान पहचान वाले निकले। हरेश, एक काम करो, तुम मुंबई में अपना काम निपटा लो और मैं अपना, फिर मिलते है बोम्बे सेन्ट्रल स्टेशन के पास।
मैं- चलो, ठीक है।
हम मुंबई उतरे और एक दूसरे को हाय-बाय करके अपने अपने काम के लिए निकल लिए। मैंने मेरे पार्टी से जमीन की बातचीत की और कुछ कागजों की छानबीन की और शाम तक सारा काम खत्म कर लिया। मैंने खरीददार से सौदेबाजी की और बताया कि सौदा पक्का करने के लिए दो दिन बाद फिर मिलूँगा और फिर निकल पड़ा बोम्बे सेन्ट्रल स्टेशन पर।
एकाध घंटा राह देखने पर राजेश आया उसके पास कुछ सामान था।
मैं- अरे, इसमें क्या है?
राजेश- हरेश, अरे गाण्ड मारने के लिए जरुरी सामान जैसे कोंडोम, क्रीम है। चलो, आज ना मत करना, मैंने एक अच्छा कमरा तीन घंटे के लिए ले रखा है, मैं अक्सर इस होटल रहता हूँ। कोई डर नहीं, सारे लोग पहचानते हैं।
हम बात करते करते होटल पर पहुँचे तो मैंनेजर ने चाबी थमा दी।
मेनेजर- राजेश बाबू कैसे हो? कामकाज ठीक-ठाक ? कमरे में चाय भिजवाऊँ क्या?
राजेश- हाँ, जल्दी से चाय भिजवाओ और कुछ बिस्किट भेजो जरा जल्दी से। मेरे दोस्त के साथ अभी कुछ ख़ास मीटिंग है।
हम कमरे में गए, कमरा शानदार था, परफ्यूम की खुशबू थी, साफ-सुथरे नरम गद्दे थे। कोने में मेज़ थी, उस पर फूलदान था जो कमरे की शोभा बढ़ा रहा था।
इतने में दरवाजे पर किसी ने दस्तक दी।
राजेश- हरेश, तुम आराम से बैठो, रूम-बॉय चाय-नाश्ता लाया होगा। पहले चाय-पानी करते हैं।
रूम-बॉय ने आकर एक छोटे मेज़ पर चाय-नाश्ता लगाया और जाने लगा।
राजेश- मुन्ना, देखो तीन घंटे तक मेरी इनसे कुछ बातों पर चर्चा होने वाली है तो सारा सामान बाद में ले जाना और दस्तक देकर परेशान मत करना।
मुन्ना- जी साहब, मैं बाहर "डोंट डिस्टर्ब" की तख्ती लगा दूँगा और मैंनेजर को कह दूंगा कि जब आप बेल बजाओगे तभी कोई अन्दर आएगा। गुड इवनिंग साब।
इतना कहकर वो चला गया।
राजेश- लो चाय लो और बिस्किट ख़त्म कर दो।
राजेश बाथरूम में गया और बिना कपड़ों के यानि पूरा नंगा आ गया और उसका लौड़ा घड़ी के लोलक की तऱह लटक रहा था।
आते ही उसने झपट कर मेरी पैंट खोल दी।
राजेश- यार हरेश, साले तूने मेल के जरिये इतना उकसाया कि न पूछो।
मैं- अरे राजेश, रुक यार, मुझे जरा सेट होने दे।
राजेश- नहीं यार, तूने मुझे बहुत तड़पाया है साले ! एक बार तेरी नंगी तस्वीर देखी, तब से तेरे से गाण्ड मारना सीखना चाहता था। क्या मस्त लौड़ा है, क्या बड़े-बड़े गोटे हैं?
इतना कह कर उसने मेरा लौड़ा आधी पैंट उतारकर मुँह में ले लिया। वो बेकाबू होने लगा मैं भी नहीं सम्हाल पा रहा था। वो लौड़ा खींच-खींच कर चूसने लगा।
अब मैं भी बेकाबू हो रहा था मैंने उसे पलंग पर लेटने कहा और 69 की अवस्था में आकर वो मेरा और मैं उसका लौडा मुँह में लेकर खेलने लगे। देखते ही देखते उसका लौडा भी उफान पर आ गया। अब कुछ बात बनने लगी। मुझे बस उसका लौड़ा चूसना था। मैंने थोड़ी देर बाद उसे पलंग के किनारे बिठाया और उसका पूरा लौड़ा मुँह में ले लिया। उसकी गाण्ड को हाथों से पकड़ कर मुँह से लौड़े के साथ खेलने लगा। उसका लौड़ा झड़ जाए, उससे पहले मैंने मुँह हटा लिया, उसे पलंग के किनारे मेरी तरफ मुँह करके लेटने के लिए कहा, एक हाथ से उसकी गाण्ड में क्रीम लगा दी और उसकी दोनों टांगों को फैला कर अपने कंधों पर लेकर उसके लौड़े को धीरे धीरे पुचकारा। पाँच मिनट बाद मैंने अपने लौड़े पर क्रीम लगा कर उसकी गाण्ड में डाल दिया।
राजेश- यार हरेश, मैं तेरी बीवी हूँ, इस तरह प्यार से गाण्ड में डाल।
मैं- अरे पहली बार गाण्ड मरवाने में दर्द होगा और फिर लौड़े के अन्दर जाते ही तुम्हें बहुत मजा आएगा।
राजेश- दर्द चाहिए और ख़ुशी भी ! तुम मेरी बस गाण्ड मार दो।
मैं- राजेश, गाण्ड एकदम ढीली छोड़ो बिलकुल मक्खन की तरह ! हाँ अऽऽऽअह यह लो !
ऐसे कहते मैंने उसकी गाण्ड में लौड़ा पूरा डाल दिया और दोनों हाथों से उसकी छाती को दबाने लगा उसके चुचूक कड़क दाने बन गए। थोड़ी देर कुत्ते जैसा चोदने के बाद मैंने उसे पलंग पर अपनी तरफ मुँह करके लिटाया और फ़िर उसकी गाण्ड में डाल दिया और एक हाथ से उसके चुचूक को और दूसरे हाथ से उसके लौड़े को सहलाने लगा।
राजेश- हरेश, आह उह उह उह ! और अन्दर त़क डाल ! बना दे गाण्डू ! मुझे बहुत मजे लेने हैं ! लौड़े को बाहर निकाल ही मत ! बस चोद मुझे ! यार यही है, यही है मेरा सपना।
बस 15 मिनट उसे चोदने के बाद मैंने पूरा पानी छोड़ दिया और फिर मैंने उसे मेरी गाण्ड में डालने के लिए कहा।
उसने शराफत से चोदना चालू किया। पहले कुत्ते के जैसे, बाद में एक दूसरे की तरफ़ मुँह करके चुदवाया। साले का पानी छुटने का नाम नहीं ले रहा था। वो साला मेरी गाण्ड ढीली करके ही छोड़ने वाला था।
राजेश- ले साले ले ! ले ले ! बहुत तड़पाया तूने ! एक साल से मेल कर रहा था ! आज तो मैं पूरे मजे लूँगा। तू मेल में लिखता था ना कि देखूँ तेरे लौड़े में कितना दम है, तो ले !
Reply With Quote
Sponsored Links
CLICK HERE TO DOWNLOAD INDIAN MASALA VIDEOS n MASALA CLIPS
Sponsored Links - Indian Masala Movies
UKBL ~ 10 Second Banner Rotator
UKBL ~ 10 Second Banner Rotator

"Uncensored Indian Masala Movies" - The hottest Indian Sex Movies and Mallu Masala clips

Check out beautiful Indian actress in sexy and even TOPLESS poses

Indian XXX Movies!

Widest range of Indian Adult Movies of shy, authentic Desi women.....FULLY NUDE DESI MASALA VIDEOS!!! Click here to visit now!!!

 

UKBL ~ 10 Second Banner Rotator
Sponsored Links
  #3  
Old 11-14-2016, 08:32 PM
hotman hotman is offline
Administrator
 
Join Date: Nov 2006
Posts: 78,422
Default

सही में उसमें दो घोड़ों की ताकत थी जिसे मैं झेल नहीं पा रहा था पर मैं भी अपनी प्यास बुझाने को बेताब था तो मैंने उसे पूरा सहयोग दिया। आधे घंटे बाद उसने मेरी गाण्ड मार ही ली और पानी छोड़ दिया।
हम नंगे ही बैठे रहे फिर उसने लैपटॉप पर दूसरी मूवी चालू की। उसमें दोनों मर्द पहले मुँह पलट कर गाण्ड में लेकर चुदवा रहे थे, थोड़ी देर बाद लेटे-लेटे गाण्ड में डाल कर चोदने लगे थे और आखिर में माथे के बल गाण्ड ऊँची करके मरवाने लगे और बाहर लौड़ा निकाल कर पानी निकाल दिया।
राजेश- हरेश यार, यह गेम मेरे साथ तुम करो, बहुत मजा आएगा।
मैं- अरे अभी लौड़ा तैयार नहीं है !
राजेश- क्या बात करता है? ला, तेरे लौड़े को मुँह से चूस कर तैयार कर दूँ !
इतना कहते ही उसने लौड़े को मुँह में लिया, लेते ही लौड़े ने अपना दुबारा रंग दिखा दिया और राजेश ने बिना देर किये उसे मूवी दिखाए गेम की तरह ले लिया और तीनों तरीके से चुदवा लिया।
अब उसका शरीर थक चुका था। हमने स्नान किया और फिर कपड़े पहनकर बेल बजा कर रूम-बॉय को सामन ले जाने को कहा। हम दोनों थक चुके थे उस स्थिति में कोई भी सेक्सी औरत आती तो भी लौड़ा उठ नहीं पाता। हम दो घंटे एक दूसरे की बाहों में हाथ डाल कर मियां-बीवी की तरह सो गए। शाम के सात बजे हम उठे और फिर बाहर घूमने की योजना बनाने लगे।

हम दोनों थक चुके थे उस स्थिति में कोई भी सेक्सी औरत आती तो भी लौड़ा उठ नहीं पाता। हम दो घंटे एक दूसरे की बाहों में हाथ डाल कर मियां-बीवी की तरह सो गए। शाम के सात बजे हम उठे और फिर बाहर घूमने की योजना बनाने लगे।
मैं- राजेश, तुम्हारी एक तमन्ना तो पूरी हुई, दूसरी तमन्ना मेरी है।
राजेश- क्या?
मैं- चलो, किसी रेड लाईट एरिया में जाते हैँ वहां भी चोदेंगे। कभी गए हो?
राजेश- नहीं यार, कभी गया नहीं हूँ। और तुम?
मैं- मैं एक बार गया था, उसको काफी समय बीत चुका है।
राजेश- तो चलो चलते हैं ! आज तो सब काम पूरा करेंगे और सुबह या दोपहर को अलग-अलग हो जायेंगे।
हमने होटल से निकल कर टैक्सी की और चल दिए मुंबई के रेड लाईट एरिया में। वहाँ रात की रंगीनियाँ चलने लगी थी, औरतें भड़काऊ मेकअप में अधनंगे कपड़ों में ग्राहकों को बुला रही थी।
एक आदमी हमारे पास आया और बोला- सलाम साब, बन्दे को सलीम कहते हैं। नए हो क्या?
मैं- नहीं यार, मैं तो इस काम का खेलाडी हूँ। बोलो, क्या है तुम्हारे पास?
सलीम- साब, ऐसी मस्त जगह ले जाता हूँ कि तबीयत खुश हो जाएगी।
मैं- यार, रोने धोने वाली और मुँह फुलाए बैठी कोई रण्डी नहीं चाहिए।
सलीम- मैं जानता हूँ ! मैं तुम्हें ऐसी जगह ले चलता हूँ जहाँ तुम मस्ता जाओगे।
वो हमें एक कोठे पर ले गया। वहाँ दरवाजे पर पर्दा टंगा था। हम पर्दे के पीछे गए और उसने वहाँ बैठी मुँह में पान चबाने वाली औरत को कहा- रेशमाआंटी, ये देखो मस्त ग्राहक ! इनको मस्त लौंडिया दिखाओ।
रेशमा- बैठो रे तुम दोनों ! रात भर रुकना है या एक शॉट मार के जाना है। कितना दोगे?
मैं- एक शॉट ही मारना है।
राजेश- यार एक शॉट मतलब? क्या होता है?
रेशमा- एक बार चोदने का ! पानी निकला यानि बाहर।
राजेश- नहीं यार हरेश, रात भर रुकते हैं। कल दोपहर को निकलेंगे घर के लिए।
मैं- नहीं यार मेरा... ?
रेशमा- क्या रे भड़वे ! तेरा दोस्त बोलता है तो उसकी भी सुन। रुक जा रात भर के लिए। मेरी ये लड़कियाँ तुम्हें खुश कर देंगी। सब ख़ुशी ख़ुशी चुदवाती हैं, कोई नाटक नहीं करेंगी। मुँह में लेगी, गाण्ड मरवाएँगी और मस्त तरीके से चुदवाएँगी रात भर सोएँगी नहीं और तुमको भी नहीं सोने देंगी।
मैं- चलो, अच्छा बुलाओ लड़कियों को।
रेशमा के घण्टी दबाते ही दस लड़कियाँ और औरतें बाहर आई। उसमे एक मस्त गोरी गोरी लड़की करीब तीस की होगी, उसके ऊपर दिल आ गया। साली ने बदन से चिपकी काली पैंट और और वैसे ही तन से चिपकी बिना बाहों वाली गहरे गले की काली टीशर्ट पहनी थी जिसमें से उसकी छाती बाहर आने को तड़प रही थी।
मैंने उसे अपने पास बुलाया और हल्के से उसकी छाती को छू लिया और पूछा- क्या नाम है तुम्हारा?
वो बोली- स्वीटी और तुम्हारा?
मैं- हरेश।
रेशमा- क्या रे? बहुत उछल रहा था न रात भर रुकने के लिए? क्या हुआ, कोई पसंद नहीं आई क्या?
राजेश- जो हरेश ने पसंद की वो मुझे भी पसंद है पर?
स्वीटी- दीदी, तुम्हें एतराज न हो तो दोनों को लूँ क्या?
रेशमा- जा साली राण्ड, तू तो दो क्या तीन-चार भी लौड़े एक साथ लेगी तो भी कम पड़ेंगे। ए लड़को, दोनों के दो-दो हज़ार रुपये निकालो। पूरा मज़ा देगी। चलो लड़कियों, तुम जाओ अपने-अपने कमरे में दूसरे ग्राहक आयेंगे तुम्हारे लिए।
हमने पैसे दे दिए और स्वीटी के पीछे पीछे कमरे में जाने लगे।
स्वीटी- क्या रे हरेश? हरेश ही है न नाम?
मैं- हाँ-हाँ, बोल?
स्वीटी- साले, चूचे दबाने के लिए पूरी रात है, उधर क्यों दबाया?
मैं- देख रहा था कड़क है या दब-दब कर ढीले हो गए?
मैंने उसको गोद में उठा लिया और राजेश ने भी बात बात में उसकी छाती को छू लिया। हम कमरे में पहुँचे, उसने पंखा चालू किया और बैठ गई पलंग पर और उसके अगल-बगल में बैठने कहा। राजेश ने उसकी छाती को छू लिया।
स्वीटी- अरे, डर-डर के क्यों छूता है ? ले ये ले अपने हाथों में मेरे दोनों चूचे। अब तुमने पैसे दिए तो आज की रात ये तुम्हारे हैं।
इतना कहते वो मेरी गोद में बैठ गई। मेरी गोद में उसकी मुलायम गाण्ड आ गई, यह सोच कर मैं पागल सा हो गया और राजेश दोनों हाथों से उसकी गेंदों को सहलाने लगा। स्वीटी ने ओंठ चबा कर ऐसी मस्त अदा दिखाई कि मैं तो फ़िदा हो गया।
स्वीटी- मेरे लौड़ो, आज मस्त चोदो। मुझे बहुत दिन बाद दो ग्राहक एक साथ मिले है मुझे एक साथ चार-चार तक बहुत पसंद हैं।
मैं- स्वीटी, तुम कहाँ से हो? कैसे इस धंधे में आई?
स्वीटी- देख मैं यह बता-बता कर थक गई ! मैं भूलना चाहती हूँ जहाँ से मैं आई हूँ। सिर्फ छः महीने पहले मुझे मेरा मर्द झूट बोलकर छोड़ गया। सुबह जब आँख खुली तो मैं पूरी तरह नंगी थी, रेशमा आंटी ने मेरे सारे कपड़े निकाल दिए थे जिससे मैं भाग न सकूँ और मुझे साफ साफ शब्दों में कहा कि मेरा मर्द पच्चीस हज़ार रुपये में बेचकर गया है। अब जो भी है यही तेरा घर और सब कुछ। फिर बहुत सोचा कि अब कहाँ जा सकती हूँ, मैं थी तो अनाथ ! एक अकेली औरत को लोग नजरों से चोदते हैं, तो क्यों न मैं सही में मर्दों से चुदवाकर पैसे कमा लूँ ?
मुझे रेशमा आंटी ने एकदम कसे कपड़े लाकर दिए जो समझो न कि मेरे बदन की पूरी नुमाइश करते थे। उस रात मैं डरी थी, वैसे मैंने अपने मर्द से चुदवाया था पर ऐसे रंडीबाजी नहीं की थी। फिर पायल नाम की राण्ड ने मुझे मेरा डर भगाने के लिए अपने पास बिठाया और मुझे एक साथ चार मर्दों से चुदवाने वाली औरत की नंगी फिल्म दिखाई और बोली कि देखा कैसे मज़े लेकर चुदवा रही है? तू भी ऐसे चुदवाना चालू कर दे, थोड़ा अजीब लगेगा पर एक बार पराया मर्द चढ़ गया फिर हिम्मत खुल जायेगी। मैंने रोना धोना बेकार समझा। फिर उस रात रेशमा ने मेरे लिए ग्राहक ढूंढे और उन दोनों के सामने मेरी छाती खोल दी और बोली कि देखो, नया माल है, कैसे कड़क गेंद हैं इसके, ज्यादा दबे नहीं हैं, कल ही आई है नई नई धंधे में।
मैं हाथों से छाती छुपाने लगी तो रेशमा आंटी ने मेरे हाथ झटक कर हटाकर कहा- राण्ड, साली, नखरे मत कर, ये दोनों चोदने वाले हैं। मुझे कहा कि बोल किसके साथ पहले चुदवायेगी? तभी उन दोनों ने एक साथ मुझे चोदने की बात कही और पायल ने आँख मार कर मुझे दोनों को लेने कहा। बस कल का दिन और आज की रात, मैं रंडीबाजी सीख गई। और हरेश, आज मैं ख़ुशी ख़ुशी चुदवाती हूँ। तुमको देखकर उन दो ग्राहकों की याद आ गई।
फिर उसकी बात ख़त्म होने पर मैंने उसको खड़ा किया और उसकी मुलायम गाण्ड पर हाथ फेरा। राजेश तो उसकी छाती पर फ़िदा था वो टीशर्ट निकाले बिना ही उसकी छाती के साथ खेल रहा था।
स्वीटी- उह ! उह उह ! आज रात जम कर चोदो, बहुत दिन हुए दो मर्द एक साथ मिले। भला हो मेरे मर्द का जो मुझे रंडी बनाकर भाग गया। अब मुझे बस पूरी जवानी को बेचकर खाना है। हरेश। तुम्हें गाण्ड प्यारी है तो तुम मेरी पैंट निकालो और राजेश तुम्हें छाती पसंद है तो मेरी टीशर्ट निकालो। आओ, मैं तुम दोनों को नंगा करती हूँ।
उसने हमें नंगा किया पर मैं उसको कपड़ों में ही देखना चाहता था।
स्वीटी- क्या हुआ? मुझे नंगी करो ना !
मैं- नहीं स्वीटी, तुम इन कपड़ों में बड़ी मस्त लग रही हो, आँखों में तुम्हारी जवानी भर लेने दो।
राजेश- हाँ स्वीटी, चोदना तो रात भर चलेगा पर तुम्हारा यह काले कपड़ों में लिपटा गोरा बदन जी भर कर देख लेने दो।
हरेश- स्वीटी, तुम हम दोनों के लौड़े चूसो।
उसने पर्स में से कोंडोम निकले और लौड़ो पर चढ़ाये और बारी बारी मुँह में लेना चालू किया। राजेश जल्दी ही बेकाबू हो गया। उसने स्वीटी को ऊपर से नंगा किया।
बड़ा अजीब नज़ारा था, दो गेंद जो मुश्किल से उस कपड़े से बंधे थे, वो उछल कर राजेश के हाथ में आ गए। फिर मैंने भी उसकी पैंट उतारी और पैंटी भी उतारी। अब उसकी गोल गोल गोरी गाण्ड भी हमारे हाथों में थी। मस्त मुलायम मक्खन जैसी गाण्ड थी, मैंने उसकी गाण्ड को चूमना चालू किया तो स्वीटी बोली- हाय, क्या मस्त लग रहा है ! एक के हाथ में मेरे दोनों लड्डू और दूसरे के हाथ में मेरी मुलायम गाण्ड। मेरे भड़वे मर्द के तक़दीर में नहीं थी ऐसी मस्त बीवी। अब तुम्हारे तक़दीर में है।
राजेश- तुम हरेश का लण्ड घोड़ी बन कर चूसो, मैं पीछे से पहले गाण्ड फिर भोसड़े में चोदूँगा।
स्वीटी- हरेश, तुम पलंग पर खड़े हो जाओ, मैं घोड़ी बनती हूँ। चल रे राजेश, डाल दे मेरी गाण्ड में ! मार ले ! तेरे में जितना दम है, निकाल दे।
जैसे ही राजेश का लौड़ा अपनी गाण्ड में लिया और मेरा लौड़ा मुँह में लिया तो थोड़ी ही देर में जवानी का जादू चालू हो गया, तीनों की सिसकियाँ शुरू हो गई।
स्वीटी- राजेश, भोंसड़ी के ! मार मेरी गाण्ड मार ! एक महीने से किसी ने नहीं मारी ! कोई भड़वा इतने पैसे देने को तैयार नहीं था। अह आआअ आया इ इ इ उह उह उह ।
मैं- ले मेरी स्वीटी राण्ड, मेरे लौड़े को भी चखा अपने मुँह का मज़ा।
स्वीटी- हरेश, सीधे से बात कर ! मैं कोई शौक से राण्ड नहीं बनी।
बड़ा अजीब नज़ारा था, दो गेंद जो मुश्किल से उस कपड़े से बंधे थे, वो उछल कर राजेश के हाथ में आ गए। फिर मैंने भी उसकी पैंट उतारी और पैंटी भी उतारी। अब उसकी गोल गोल गोरी गाण्ड भी हमारे हाथों में थी। मस्त मुलायम मक्खन जैसी गाण्ड थी, मैंने उसकी गाण्ड को चूमना चालू किया तो स्वीटी बोली- हाय, क्या मस्त लग रहा है ! एक के हाथ में मेरे दोनों लड्डू और दूसरे के हाथ में मेरी मुलायम गाण्ड। मेरे भड़वे मर्द के तक़दीर में नहीं थी ऐसी मस्त बीवी। अब तुम्हारे तक़दीर में है।
राजेश- तुम हरेश का लण्ड घोड़ी बन कर चूसो, मैं पीछे से पहले गाण्ड फिर भोसड़े में चोदूँगा।
स्वीटी- हरेश, तुम पलंग पर खड़े हो जाओ, मैं घोड़ी बनती हूँ। चल रे राजेश, डाल दे मेरी गाण्ड में ! मार ले ! तेरे में जितना दम है, निकाल दे।
जैसे ही राजेश का लौड़ा अपनी गाण्ड में लिया और मेरा लौड़ा मुँह में लिया तो थोड़ी ही देर में जवानी का जादू चालू हो गया, तीनों की सिसकियाँ शुरू हो गई।
स्वीटी- राजेश, भोंसड़ी के ! मार मेरी गाण्ड मार ! एक महीने से किसी ने नहीं मारी ! कोई भड़वा इतने पैसे देने को तैयार नहीं था। अह आआअ आया इ इ इ उह उह उह ।
मैं- ले मेरी स्वीटी राण्ड, मेरे लौड़े को भी चखा अपने मुँह का मज़ा।
स्वीटी- हरेश, सीधे से बात कर ! मैं कोई शौक से राण्ड नहीं बनी।
मैं- देख तू पैसे लेती है चुदवाने के तो राण्ड ही हुई न ?
स्वीटी- अच्छा भड़वे, ला अपने लौड़े को मेरे मुँह में डाल दे। चोद डाल मेरे मुँह को भी। इतने दिन हुए जो भी आये लौड़ा अन्दर डाला, हिलाया, पानी निकाला और पैंट पहनकर चला गया। आज मुझ पर चुदवाने का बुखार चढ़ गया है। चोदो भोंसड़ी के।
राजेश- स्वीटी, अब अपने भोंसड़े में डलवा ले !
स्वीटी- हाँ डाल ना ! मैं थोड़ा नीचे झुकती हूँ।
राजेश- ले ले ! ले, ले भोसड़ी की ! राण्ड ले ! तेरे भोसड़े की भूख मिटा देते हैं हम।
स्वीटी- हाँ बस मस्त ! गया लौड़ा अन्दर तक ! चल चालू कर अपनी गाड़ी।
राजेश ने उसको चोदना चालू किया ही था, उतने में पड़ोस के कमरे से किसी औरत और मर्द की आवाज सुनाई दी।
स्वीटी- कौन? रूपा है काया री? मिला क्या कस्टमर?
रूपा- हाँ री ! यहाँ वहाँ भटक रहा था ! जैसे ही पास आया तो खींच लिया अन्दर ! बहुत मस्त गोरा चिट्टा है रे ! क्या रे? इधर-उधर क्यों भटक रहा था? जो पसंद आई उसके पास चले जाने का। देखा तू रात भर रुकने वाला है और बाजू के कमरे में मेरी सहेली के ऊपर दो कस्टमर चढ़ रहे हैं। तू शरमा मत ! मैं तुझे सिखा दूँगी चोदने का। मेरे सारे कपड़े उतार तू और मैं तुझे नंगा करती हूँ।
यह सुनकर मैं स्वीटी और राजेश तीनों की साँसें गर्म हुई, हमारी सिसकारियाँ जोर से होने लगी।
स्वीटी- हरेश, क्या मस्त लौड़ा है रे ? चूसने दे रे ! अब पड़ोस के कमरे में चुदाई होगी तो सुनकर मेरी आग और भड़क उठी है।
राजेश- हाँ साली ! उनकी बातें सुनकर अब तो मस्ती का पारा और ऊपर चढ़ गया। अरे ओ पड़ोसी ! तू नया नया मेरे जैसा चोदने आया है न? बिलकुल डर मत तेरी सहेली सब सिखा देगी। पहले उसके गेंद दबा दे, मैंने भी वही किया और फिर गाण्ड मार दी और अब इस राण्ड की आगे से चुदाई कर रहा हूँ। तू भी अपने वाली राण्ड को चूस ! चूसने के बाद में चोद ! नया है तो रात भर में 3-4 बार तो चोदेगा ही।
पड़ोस के कमरे से उस लड़के की आवाज आई- तुम्हारी बातें सुन कर मेरा डर चला गया और तुम्हारी तरह मैं इस रंडी को चोदूँगा।
रूपा- क्या रे भड़वे? रण्डी मत बोल। यह गाली होती है। अभी तू नया नया चोदने का सीख रहा है। अच्छा नहीं लगता रे ! मजबूरी से करना पड़ता है।
स्वीटी- अरे बोलने दे रे रूपा ! हम रण्डी तो हैं ! क्या पैसे नहीं लेती चुदवाने के ? बोलने दे ! उसका क्या कसूर? जिसने बनाया उसका कसूर है। मुझे तो कोई रण्डी बुलाता है तो अब अच्छा लगता है। औरत को डर किस चीज का होता है सिर्फ पराये मर्द से चुदने का, अब कोई डर नहीं। ऐ लड़के, जम कर चोद मेरी प्यारी रण्डी सहेली को और मेरे राजेश और हरेश, तुम भी चालू रखो अपना चोदम-चोद।
इधर राजेश के चुदाई के बाद मैंने स्वीटी को अपनी गोद में मेरी तरफ मुँह करके गाण्ड में लौड़ा लेकर ऊपर-नीचे होने कहा। करीब 5 मिनट बाद मैंने उसको भोंसड़े में लौड़ा लेने कहा।
इस चुदाई में दस मिनट लगे होंगे। मैंने पानी नहीं छोड़ा मैंने मुँह में एक च्युइंगगम चबा रखी थी जिससे चुदाई लम्बी चल रही थी। इस बीच राजेश ने कोंडोम हटाकर उसके मुँह में लौड़ा मेरे माथे पर से देना चालू किया जिससे मुझे झुक जाना पड़ा। मेरे बाद राजेश ने दुबारा अपने लौड़े को खड़े खड़े स्वीटी के भोसड़े में डाल दिया और दोनों हाथों से जांगो को पकड़कर उसकी चुदाई चालू की।
आखिर में मैंने लेटते हुए उसको मेरे लौड़े को मेरी तरफ पीठ करके लेने कहा और राजेश ने उसके भोसड़े में और मैंने उसके गाण्ड में चुदाई की बरोबर !
उसकी गाण्ड में और भोसड़े में पानी चूता पर कोंडोम के कारण अन्दर नहीं गया। हमने कोंडोम हटा दिए और लौड़ा साफ़ करके नंगे ही स्वीटी के अगल बगल में सो गए।
बाहर सड़क पर चहल-पहल शुरू हो गई थी तो हमने स्वीटी को जगाया और उसके हाथ में रुपये दिए और सीधे से लिटाकर उसको बारी-बारी चोदा।
उसने मस्त अंगड़ाई लेते हुए हम दोनों का चुम्मा लिया। फिर राजेश ने उसको पैंटी और काली पैंट पहना दी और मैंने उसको टीशर्ट पहना दी।
स्वीटी- बहुत मस्त मज़ा आया। बहुत महीने बाद किसी ने ऐसे जम के चोदा। कभी याद आई तो आना। तुम क्या आओगे/ तुम मर्द भंवरे जैसे एक फूल से दूसरे फ़ूल को चूसने वाले। फिर भी याद आई तो आना।
हमने बाहर आकर देखा तो हमारे जैसे रात वाले ग्राहक रण्डियों को रात भर चोद कर बाहर निकल रहे थे।
और कुछ अपने मुँह छिपाने की कोशिश कर रहे थे।
इतने में रेशमा आई- क्यों मज़ा आया ना? स्वीटी ने कोई तकलीफ नहीं दी ना? आना दोबारा ! मेरे यहाँ मस्त मस्त रण्डियाँ बाहर गांव से भी आती रहती हैं धंधा करने के लिए।
स्वीटी हमें दरवाजे तक छोड़ने आई और रूपा का ग्राहक भी बाहर आया। वो मुँह छुपा रहा था पर हमसे हाथ मिलाया और मैं और राजेश तुरंत टैक्सी पकड़ होटल पहुँच गए। होटल का मैनेजर समझ गया था कि रात भर हम कहाँ रहे होंगे। वो मूंछों में हस रहा था। हम कमरे में जाकर नहाना-धोना करके होटल का बिल चुका कर स्टेशन की तरफ चल दिए। राजेश ने मुझसे हाथ मिलाया और गले मिला, मिलकर बोला- यार तुमने दोनों तरीके के सेक्स का मज़ा दिलाया। शुक्रिया, फिर मिलेंगे।
यह थी मेरी एक दोस्त से एक अजीब सी मुलाक़ात !
अपनी प्रतिक्रिया जरूर भेजना।
Reply With Quote
Sponsored Links
CLICK HERE TO DOWNLOAD INDIAN MASALA VIDEOS n MASALA CLIPS
Sponsored Links - Indian Masala Movies
UKBL ~ 10 Second Banner Rotator
UKBL ~ 10 Second Banner Rotator

"Uncensored Indian Masala Movies" - The hottest Indian Sex Movies and Mallu Masala clips

Check out beautiful Indian actress in sexy and even TOPLESS poses

Indian XXX Movies!

Widest range of Indian Adult Movies of shy, authentic Desi women.....FULLY NUDE DESI MASALA VIDEOS!!! Click here to visit now!!!

 

UKBL ~ 10 Second Banner Rotator
Sponsored Links
Reply

Thread Tools
Display Modes

Posting Rules
You may not post new threads
You may not post replies
You may not post attachments
You may not edit your posts

BB code is On
Smilies are On
[IMG] code is On
HTML code is Off

Forum Jump


All times are GMT -4. The time now is 05:48 AM.


Powered by vBulletin® Version 3.8.3
Copyright ©2000 - 2017, Jelsoft Enterprises Ltd.

Masala Clips

Nude Indian Actress Masala Clips

Hot Masala Videos

Indian Hardcore xxx Adult Videos

Indian Masala Videos

Uncensored Mallu & Bollywood Sex

Indian Masala Sex Porn

Indian Sex Movies, Desi xxx Sex Videos

Disclaimer: HotMasalaBoard.com DOES NOT claim any responsibility to links to any pictures or videos posted by its members. HotMasalaBoard has a strict policy regarding posting copyrighted videos. If you believe that a member has posted a copyrighted picture / video, please contact Hotman super moderator. Members are also advised not to post any clandestinely shot material.